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  • योजना : मेरी फसल मेरा ब्यौरा
  • शुभारम्भ किया गया : राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर के द्वारा
  • विभाग का नाम : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा
  • उद्देश्य : न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानो से उनकी फसल क्रय करना।
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना के लाभार्थी : हरियाणा व उसके आस पास के पडोसी राज्यों के किसान
  • आवेदन करने की विधि : ऑनलाइन माध्यम से
  • नोट: इस लेख में किसानो को अपनी फसल के पंजीकरण से लेकर मंडी में फसल बेचने के बाद धनराशि का किसान के बैंक अकाउंट में धनराशि आने तक की जानकारी प्रदान की गई है।

Meri Fasal Mera Byora

Latest Update: हमें हाल ही प्राप्त हुए ताजा अपडेट के अनुसार हरियाणा सरकार ने फसल के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरी ब्यौरा पोर्टल पर किसानो के पंजीकरण को शुरू कर दिया गया है। अब किसान Meri Fasal Mera Byora पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल का पंजीकरण कर सकते है। जिस किसान भाई ने किसी कारण से अपनी फसल का पंजीकरण नहीं किया है, वह मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के जरिये अपनी फसल का समय रहते पंजीकरण जल्द से जल्द करवा सकता है।

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं खरीफ फसल का सीजन शुरू हो गया है। प्रदेश के लगभग हर हिस्से में आगामी फसल की बुगाई हो चुकी है इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा खरीफ फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर शुरू कर दिया गया है। वह सभी किसान जो खरीफ फसलों की बुआई कर रहे हैं वह अपनी फसलों का विवरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।

इस बार मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर लगभग 20 से भी अधिक फसलों का पंजीकरण किया जा रहा है। इस बात की जानकारी पत्रकारों के समक्ष हिसार के उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी द्वारा प्रदान की गई।

पोर्टल के माध्यम से फसलों का पंजीकरण करके यह सुनिश्चित किया जाता है किसानों तक फसल बीमा कवर, प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुयी क्षति की पूर्ति के लिए मिलने वाला फसल का मुआवजा एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच पहुंचाया जाए।

हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत वैकल्पिक फसलों, जिन फसलों में खेती करने में कम पानी की खपत आती होती है (फल, सब्जियां, दालें, मक्का, कपास) उनकी फसल तैयार करने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को प्रेरित करने के साथ-साथ उनको प्रोत्साहन के में 7000/– रूपये प्रति एकड़ प्रदान कर रही है।

meri fasal mera byora registration Oct 2021

बाजरा की जगह वैकल्पिक खेती करने पर मिलेंगे 4000/- रूपये प्रति एकड़

हरियाणा में पानी के सीमित स्रोत होने के कारण प्रदेश सरकार किसानों से जल संरक्षण के लिए पानी की कम खपत करने वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसी दिशा में हरियाणा राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि अगर किसान बाजरे की जगह वैकल्पिक की खेती करेंगे तो हरियाणा सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी प्रदान की जाएगी जाएगी। और राज्य सरकार ने फैसला किया है किसान अरंडी , अरहड़ , मुंग और मुगफली की खेती को अपनाते है उन्हें सरकार द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अपने दूसरे कार्यकाल के 600 दिन पूरे होने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के समय में राज्य में पानी के सीमित स्‍त्रोत को देखते हुए जल संरक्षण के लिए कदम उठाए जाने चाहिएं।  इस दिशा में प्रदेश सरकार ने “मेरा पानी मेरी विरासत योजना” की शुरुआत की।

जिसके तहत किसानों को धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने का आह्वान किया गया था और पिछले वर्ष 94 हजार एकड़ भूमि पर धान नहीं बोया गया था बल्कि किसान ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत निर्धारित की गई वैकल्पिक फसलों का उत्पादन किया।  इस वर्ष हरियाणा सरकार ने  2 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि पर वैकल्पिक खेती करने का लक्ष्य रखा है

अधिक हो रहा बाजरे का उत्पादन

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदेश में बाजरे का उत्पादन बढ़ रहा है, इसलिए इस बार हरियाणा सरकार ‌ने निर्णय लिया है कि जो किसान बाजरे के स्थान पर दालें और तिलहन की फसलें उगाएगा उसे सरकार की ओर से 4000/- रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हरियाणा सरकार, प्रदेश में  11 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद करती है। इस बार किसानों की फसल खरीदने के बाद  बैंक अकाउंट में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) स्कीम के तहत सीधे भुगतान किया गया है। सरकार द्वारा किसानों को 1700-1800 करोड़ रुपए का भगुतान सीधे उनके बैंक खातों में किया गया है।

किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत बाजरे की जगह दलहन फसलों की पैदावार करने पर 4000/- रूपये प्रति एकड़ प्रदान किये जायेंगे। जिसके लिए किसानों को अपनी बोई गई फसल की जानकारी सरकार को देनी होगी। हाल ही में सरकार द्वार घोषणा की गई है कि किसानो की सुविधा के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना व Meri Fasal Mera Byora Yojana के पोर्टल को आपस में जोड़ दिया गया है।

अब किसान मेरा पानी मेरा विरासत योजना के तहत मिलने वाली 4000 /- रूपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर आवेदन कर सकते है। इसका लाभ लेने के लिए आपको अलग से कुछ नहीं करना है हमेशा के तरह जैसे आप पंजीकरण करते आये है वैसे ही इस बार पंजीकरण करना है। बस इस बार पोर्टल पर पंजीकरण के फॉर्म में जोड़े गए अन्य विकल्प भी देखे देंगे। जैसे कि – अरंडी, अरहड़ , मुंग और मूंगफली। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए निचे प्रदान किये गए लिंक पर जाए।

स्वस्थ, सुरक्षित, समर्थ हरियाणा की कल्पना

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ, सुरक्षित और समर्थ हरियाणा की कल्पना के साथ विकास की गति पर चल रही है।  तथा उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले कार्यकाल से ही निरंतर व्यवस्था परिवर्तन के कार्य किए हैं।  मेरी फसल मेरा ब्यौरा Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर किसानों से उनके बोये गए खेत की जानकारी ली जाती है, ताकि यह पता लग सके कि कितने क्षेत्र में कौनसी फसल की बुवाई की गई है। इससे फसल खरीद का प्रबंधन सही होने के साथ-साथ किसानों को सरकार की ओर से दिए जाने वाले लाभ के लिए भी रियल टाइम जानकारी का उपयोग किया जाता है।

‘मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल’ को ‘Meri Fasal Mera Byora पोर्टल’ से जोड़ा गया

मेरा पानी मेरी विरासत योजना पिछले साल हरियाणा सरकार के द्वारा राज्य के गिरते भू – जल स्तर को संभालने और वैकल्पिक फसलों की ओर किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू की गई। मेरा पानी मेरी विरासत योजना को आरम्भ करने का मुख्य उद्देश्य पानी की बचत करना और राज्य के जल स्तर को ऊपर उठाना है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की जगह वैकल्पिक फसल की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

राज्य सरकार द्वारा दी जा रही मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत यह वित्तीय सहायता किसानों के बैंक खाते में ₹7000 प्रति एकड़ की दर से प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष 96,000 एकड़ भूमि पर किसानों द्वारा उन फसलों के लिए खेती की गई थी जो कम पानी का उपयोग करती हैं।

अर्थात जिन फसलों को वैकल्पिक फसल के रूप में हरियाणा सरकार द्वारा परिभाषित किया हैं। मेरा फसल मेरा ब्योरा योजना की सफलता को देखते हुए ही राज्य सरकार ने अब मेरा पानी मेरी विरासत योजना को Meri Fasal Mera Byora योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। जिससे किसानों को और भी सुगमता से इन योजनाओं का लाभ मिल सके।

समीक्षा बैठकों के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान की गई महत्वपूर्ण जानकारी

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने समीक्षा बैठक के दौरान मीडिया कर्मियों के समक्ष Meri Fasal Mera Byora योजना को मेरा पानी मेरी विरासत योजना से जोड़ने की जानकारी प्रदान की। इस समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रदेश में चलाई जा रही इन मत्वाकांशी योजनाओं की जानकारी प्रदेश के सभी किसानों को उपलब्ध करायी जाएँ। जिससे जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी किसानो तक इन योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा सके।

राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा यह भी बताया गया कि किसानों को सब्जी, दाल, सोयाबीन, ग्वार आदि वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए सभी किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा और मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर अपने नजदीकी सीएससी केंद्र या मोबाइल से उनकी फसल से संबंधित जानकारी देनी प्रदान करनी होगी।

लाभार्थियों का समय पर सत्यापन किया जाएगा

किसान द्वारा Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर फसल की जानकारी अपलोड करने के बाद, किसान द्वारा प्रदान की गई जानकारी को संबंधित अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा और उसके बाद लाभ की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया कि Meri Fasal Mera Byora योजना के क्रियान्वयन के लिए लाभार्थी के सत्यापन का कार्य बिना विलम्ब के किया जाना चाहिए।

इसके अलावा राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने यह भी निर्देश दिया कि पूरे राज्य को चार जोन में बांटा जाएगा। राज्य के प्रत्येक जोन में एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। ये वरिष्ठ अधिकारी अपने अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के किसानों को सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं की जानकारी प्रदान करेंगे।

और उन्हें योजनाओं के अंतर्गत दिए जा रहे लाभ के प्रति किसानों को प्रेरित करेंगे। जिससे राज्य के हर किसान को हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ मुहईया कराया जा सके। मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जिन्होंने धान के मौसम में कोई खेती नहीं की है। और उस समय अपना खेत खाली छोड़ दिया।

राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अलावा बागवानी करने वाले किसानों को अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। अर्थात अब अगर किसान बागवानी करते है तो उन्हें मेरा पानी मेरी विरासत योजना व बागवानी योजना के तहत मिलने वाले वाले लाभ दोनों ही प्राप्त होंगे।

हम सभी जानते है हरियाणा की सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से देश में एक अलग पहचान है। हरियाणा एक तरह से भारत का प्रतिबिंब है। हरियाणा के विभिन्न जिलों में विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं, पशु-पक्षी की प्रजातियां, मिट्टी और यहाँ के किसानों द्वारा कई प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। यहां फल, फूल, सब्जियां और अनाज की बड़ी मात्रा में खेती की जाती है।

किसानों को बागबानी करने और वैकल्पिक फसल उगाने के लिए हरियाणा की सरकार प्रेरित करने के साथ ही उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। जिससे बहुमूल्य जल का संरक्षण किया जा सके। इसके लिए किसानों को धान की जगह वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करने पर 7000/- व बाजरा की दलहन फसलों का उत्पादन करने पर 4000/- रूपये प्रति एकड़ प्रदान किये जा रहे है।

इसे पढ़े : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (मिलेंगे 6000/- रूपये प्रति वर्ष)


रबी फसल के पंजीकरण से किसान के खाते में रुपयों की प्राप्ति तक

राज्य सरकार ने किसानों की फसल को एमएसपी पर खरीदने के लिए Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर फसल के पंजीकरण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर की है और उसके बाद 01 अप्रैल 2021 से राज्य की सभी मंडियों में गेहूं की फसल की खरीद शुरू हो गई है और 07 अप्रैल 2021 से सरकारी दर से सरसों की फसल की खरीद शुरू की।

जिन किसानों ने अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। वे सभी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का विवरण देख सकते हैं। और किसान भाई बाजार में अपनी फसल बेचने के लिए निर्धारित दिनों और गेट पास की सूची देख सकते हैं। Meri Fasal Mera Byora गेट पास की लिस्ट देखने के लिए हमारे द्वारा दी गई पूरी जानकारी पढ़ें।

प्रमाणित की गई फसल का विवरण कैसे देखें?

हरियाणा सरकार ने 01 अप्रैल 2021 से रबी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदना शुरू कर दिया। जिन किसानों ने Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण किया है, वे अपनी फसल को अनाज मंडी में ले जाने से पहले ऑनलाइन विधि से अपनी फसल का विवरण देख सकते हैं।

आप हमारे द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर अपनी प्रमाणित गई फसल की जानकारी देख सकते है। हमने इस लेख में पूरी जानकारी प्रदान की है ताकि आपको फसल विवरण देखने में कोई समस्या न हो। प्रमाणित फसल का विवरण देखने की प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • सबसे पहले अपने डेस्कटॉप या मोबाइल में ekharid.haryana.gov.in सर्च करें।
  • इसके बाद आपके सामने ई-खरीद पोर्टल का मुख्य पेज खुल जाएगा।
  • आपको “Search Farmer Record” का विकल्प दिखाई देगा। इस दिए गए विकल्प पर क्लिक करें।
  • किसान रिकॉर्ड सर्च पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नई विंडो खुल जाएगी। यहां आने के बाद आपको ये चार विकल्प दिखाई देंगे, जैसे कि किसान पंजीकरण आईडी, किसान मोबाइल नंबर, गेटपास आईडी और जे फॉर्म विवरण।
  • अपनी सुविधा के अनुसार दिए गए विकल्पों में से किसी एक को चुनें।

Farmer Status Record

किसान मोबाइल नंबर विधि प्रमाणित फसल का विवरण देखें

  • किसान मोबाइल नंबर विकल्प के दिए विकल्प करें।
  • अब खाली बॉक्स में दिए गए CAPTCHA कोड को भरें। और फिर Proceed पर क्लिक करें।
  • Proceed पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा।
  • अब यहाँ किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • इस तरह किसान अपनी प्रमाणित की गई फसल का विवरण देख सकते है। .

किसान अपनी फसल का मंडी शेड्यूल कैसे बदल ?

इस बार प्रदेश के मौसम में नमी के कारण किसानों की फसल की कटाई में पिछले साल की तुलना में 10 दिन की देरी हुई। जिसके कारन किसान अपनी फसल देरी से मंडी ला रहे हैं। Meri Fasal Mera Byora Portal पर किसानों की कटाई का कार्यक्रम तैयार किया गया है। यदि किसी कारण से आप अपनी फसल को अनाज मंडी में निर्धारित तारीख पर नहीं ले जा सकते हैं, तो आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर या फिर अपने किसी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर फसल के मंडी का शेड्यूल बदल सकते हैं। मंडी का शेड्यूल बदलने की प्रक्रिया इस प्रकार है।

  • सबसे पहले अपना मोबाइल या डेस्कटॉप में कोई भी ब्राउज़र खोलें।
  • अब यहाँ ekharid.haryana.gov.in सर्च करें।
  • इसके बाद आपके सामने e-Kharid Portal का होमपेज खुल जाएगा।
  • यहां आने के बाद आपको इम्पोर्टेन्ट लिंक्स के सेक्शन में सेट शेड्यूल का ऑप्शन दिखाई देगा।
  • सेट शेड्यूल पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नई विंडो खुल जाएगी।
  • इसमें आपके सामने तीन विकल्प होंगे- (i) Farmer Schedule Number, (ii) Farmer Mobile Number, (iii) Farmer PPPID
  • अपनी सुविधा के अनुसार उपरोक्त विकल्पों में से किसी एक को चुनें।

Meri Fasal Mera Byora Yojana

किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से:

  • किसान स्क्रीन पर दिखाई दे रहे मोबाइल नंबर विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब खाली बॉक्स में CAPTCHA कोड भरें और इसके बाद Proceed बटन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद किसान अब अपना मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर भरें।
  • Get OTP के बटन पर क्लिक करें और अब बॉक्स में मोबाइल पर OTP दर्ज करें।
  • अब आपके सामने आपकी पंजीकृत शेड्यूल दिया जाएगा, यहां Reschedule का विकल्प दिखाई देगा, इस विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अब आप अपनी फसल के मंडी में लेकर जाने का दिन शेड्यूल कर सकते है।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना का उद्देश्य हरियाणा के किसानों को लाभ प्रदान करना है। Meri Fasal Mera Byora योजना के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी। खाद, बीज, कृषि उपकरण, फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक की जानकारी और खेती बाड़ी से जुडी अन्य महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाएं अब एक मंच पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

किसान की फसल का विवरण ऑनलाइन करने का कार्य गांवों में स्थित सामान्य सेवा केंद्रों और अटल सेवा केंद्र पर भी किया जा सकता है। जो प्रदेश के किसान भाई इस योजना का लाभ लेना चाहते है वे मेरी फसल मेरा ब्यौरा (Meri Fasal Mera Byora Yojana Website) के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करें।

हरियाणा सरकार ने किसानों की फसल को एमएसपी की दरों पर खरीदने के लिए अपना मेरा फसल मेरा ब्यौरा ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, यहां अब किसान Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर जाकर अपनी रबी, जायत या खरीफ फसल का पंजीकरण कर उच्च दाम पर अपने फसल बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते है। हरियाणा सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर तेजी से कार्य कर रही है।

इस बार नई वेबसाइट पर किसानो की फसलों का पंजीयन किया जा रहा है किसानो तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना का लाभ पहुँचाने के लिए हरियाणा सरकार ने किसानों से नई वेबसाइट fasal haryana gov in पर आवेदन मांगे हैं जिसका लिंक हम इस लेख में दे रहे हैं, इस लिंक पर क्लिक करके आप Meri Fasal Mera Byora पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे।

यदि आप रजिस्ट्रशन से पूर्व हमारे लेख को अच्छी तरह से पढ़ लेते है तो रजिस्ट्रेशन में आपको किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। आप बड़ी आसानी से पहले की तरह इस मौसम की फसल का पंजीयन करा सकते हैं।

हम अपने किसान मित्रों को बता दें कि आपको फसल पंजीकरण की शुरुआत में किसान भाईयो को छोटी मोटी तकनिकी गड़बड़ी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन इस समय Meri Fasal Mera Byora Website अच्छी तरह चल रही है। जिन किसानो का पंजीकरण रुक गया था वे अब बिना की दिक्कत के अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करें। और मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना का लाभ लें।

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प्रदेश में पहली बार जौ समेत 6 फसलों की एमएसपी पर होगी खरीद

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 26 फरवरी 2021 को पत्रकारों को Meri Fasal Mera Byora योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि इस बार राज्य में गेहूं, सरसों, दाल, चना, सूरजमुखी और जौ सहित कुल 6 फसलों की खरीद की जाएगी। जिसमें पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जौ की फसल खरीदी जाएगी।

हरियाणा सरकार की इस घोषणा से प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानो को लाभ प्राप्त होगा। हरियाणा के किसानो से सरकार के इस घोषणा का ख़ुशी ख़ुशी स्वागत किया। और हरियाणा सरकार आगे भी इसी प्रकार किसानो के हित में बड़े फैसले लेती रहेगी। जिनसे हमारे किसान भाईयो के जीवनस्तर में सुधार आएगा।

प्रदेश सरकार का कहना है कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का रजिस्ट्रेशन चल रहा है, जिस किसान ने अभी तक अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है वह जल्द से जल्द बिना किसी विलम्ब के Meri Fasal Mera Byora योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवा लें। और कहा कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान की फसल का एक-एक दाना सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इसलिए किसान Meri Fasal Mera Byora पर जाकर जल्द ही पंजीकरण करवाएं।

48 घंटों भीतर सीधे किसानों के खाते बैंक में धनराशि स्थानांतरित

प्रदेश में पहली बार हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जौ की फसल खरीदने का फैसला किया है, साथ ही राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम भी उठाया है किसान शेड्यूल के अनुसार निर्धारित की गई तारीख को मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए लेकर आता है और वहां “जे फॉर्म” भरता है उसके 48 घंटो के भीतर ही किसानों के बैंक अकाउंट के उनकी फसल की धनराशि डाल दी जाएगी।

यदि तय समय सीमा के अंदर किसानो की फसल का भुगतान नहीं किया गया तो आढ़ती या अधिकारी को किसान के अकाउंट में उनकी फसल की रकम ब्याज के साथ प्रदान करनी होगी।

ताकि किसानों को अपनी फसल की धनराशि के लिए इंतज़ार न करना पड़े और वे अपनी आगामी फसल की तैयारी कर सके। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। और किसान समय पर फसल की तैयारी और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर सके। राज्य सरकार का कहना है कि राज्य की सभी मंडियों में और सुधार किया जाएगा। किसानों की फसल का एक एक दाना सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। प्रदेश के किसानों को परेशान नहीं होने दिया जायेगा। समय पर उनकी फसल के मूल्य का भुगतान किया जायेगा।


मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण 2021 के विशेष पहलू

Meri Fasal Mera Byora 2021 Registration के तहत हरियाणा सरकार पड़ोसी राज्यों के किसानों की फसलों की खरीद करेगी। जिसके लिए सरकार ने किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आमंत्रित किया है। अब पड़ोसी राज्यों के किसान Meri Fasal Mera Byora योजना के अनुसार अपने फसल पंजीकरण के बाद हरियाणा में अपनी धान की फसल बेच सकेंगे।

हरियाणा राज्य के पड़ोसी राज्यों के जो किसान Meri Fasal Mera Byora योजना का लाभ लेना चाहते हैं, और हरियाणा में अपनी फसल बेचकर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते है वे किसान बिना देर किए अपनी फसल का पंजीकरण कराएं।

कुछ समय पहले हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल के नेतृत्व में एक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें कृषि मंत्री ने पत्रकारों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल (Meri Fasal Mera Byora) पर हो रहे रबी फसल के पंजीकरण के बारे में आवश्यक जानकारी दी। और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक में संबंधित विभागों और अधिकारियों को आगामी तैयारियों के लिए जरुरी दिशा-निर्देश दिए।

  • बैठक में पत्रकारों को बताया गया कि सरकार किसानों से 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं 1975/- प्रति रुपये क्विंटल के एमएसपी पर खरीदेगी। । वहीं 4650/- रुपये प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 08 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद हरियाणा सरकार द्वारा की जायेगी
  • सरकार किसानों से 11 हजार मीट्रिक टन चना 51000/- रुपये प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी पर खरीद करेगी और 17 हजार मीट्रिक टन सूरजमुखी एमएसपी पर निर्धारित की गई 5885/- रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी।
  • इस प्रकार इसी बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों को फसल बेचने पर मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, इसके लिए राज्य में गेहूं की खरीद के लिए 389 और सरसों की फसल की खरीद के लिए 71 मंडियां स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
  • प्रदेश में चना की फसल के लिए 11 और राज्य में सूरजमुखी की खरीद के लिए 08 मंडियां स्थापित की करने का हरियाणा सरकार द्वारा फैसला किया गया। इससे किसानो को मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब किसान तय समय पर मंडी में अपनी फसल बेच सकते है।

meri fasal mera byora registration

हरियाणा राज्य सरकार ने राज्य के किसानों के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल लॉन्च किया है, जो हरियाणा के सभी किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर किसानो से उनकी बोई गई फसल की जानकारी मांगी जाती है। फिर प्रदेश सरकार उन आकड़ों के अनुसार फसल की खरीद के लिए लिए जरुरी तैयारियों को पूरा करती है। इसके बाद किसानों को मंडी में फसल बेचने के लिए शेड्यूल तैयार किया जाता है

और किसानो को मंडी में बुलाया जाता है। इसके बाद एमएसपी पर उनकी फसल खरीदी जाती है। किसानो से फसल खरीदने के बाद उसकी धनराशि सीधे ही किसानो के बैंक अकाउंट में डाल दी जाती है। लेकिन कुछ किसानो के पंजीकरण के कारण कुछ गलतिया हो जाती है जिसके कारण वह धनराशि उनके बैंक अकाउंट में नहीं पहुँचती है।

इसलिए किसान Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करते समय सावधानी से फॉर्म भरें ताकि आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।किसान की फसल की खरीद और भुगतान की जानकारी विभाग द्वारा उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से किसानों को दी जाएगी, इसलिए किसान उसी नंबर को पंजीकृत करें जो आपके पास है। इस नंबर के जरिए आप अकाउंट नंबर भी बदल सकेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऑनलाइन सूचना प्रौद्योगिकी के डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया है ताकि ऑनलाइन सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जा सके। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसलों का विवरण ऑनलाइन करने के लिए “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल लॉन्च किया है। Meri Fasal Mera Byora Online Portal  पर किसानों की फसल का पंजीकरण गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

किसानो की फसल का विवरण ऑनलाइन करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मचारियों को 5/- रुपये प्रति खेवत की दर से भुगतान किया जाएगा। कृपा ध्यान दे की यह भुगतान किसान भाइयों के द्वारा नहीं किया जायेगा। बल्कि Meri Fasal Mera Byora पोर्टल किसानो के लिए बिलकुल मुफ्त है। किसानो से इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जायेगा। .

मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (हरियाणा) का उद्देश्य क्या है?

  • मेरी फसल मेरा ब्योरा की वेबसाइट पर किसान का पंजीकरण, फसल का पंजीकरण और खेत का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। और किसानों से प्राप्त जानकारी का एक डेटाबेस तैयार किया जाता है जिसके आधार पर राज्य सरकार आगामी चरण की तैयारियां करती है।
  • हरियाणा सरकार ने किसानों की सभी सरकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान का अनूठा प्रयास किया है। Meri Fasal Mera Byora पर किसान के पंजीकरण के पश्चात् सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ सीधे ही किसान को प्राप्त होते है। Meri Fasal Mera Byora पोर्टल किसानों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है।
  • राज्य सरकार ने बोई जा रही फसलों और विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी किसानों को देने के लिए राज्य स्तरीय ई-सूचना पोर्टल शुरू किया है। Meri Fasal Mera Byora पोर्टल के माध्यम से किसानो को फसल की बुआई से मंडी में फसल बेचने तक की जानकारी प्रदान की जाती है।
  • मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानो के पंजीकरण के समय उनसे मोबाइल नंबर की जानकारी मांगी जाती है इसी मोबाइल नंबर पर किसानो को फसल की बुवाई और कटाई से संबंधित जानकारी प्रदान की जाती है।
  • किसानों को समय समय पर अच्छी पैदावार के लिए अच्छी किस्म के उर्वरक, बीज, ऋण और कृषि उपकरणों की सब्सिडी संबंधित जानकारी समय पर प्रदान की जाती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सहायता प्रदान करने जैसी सुविधाएं इस पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जाती है। Meri Fasal Mera Byora Yojana किसानों के लिए बहुत हितकारी साबित हुआ है। .

मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के क्या लाभ हैं?

  • गांवों के वीएलई/सीएससी/अटल सेवा केंद्र के द्वारा सभी किसानों की फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाता है।
  • विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर को इस कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा सीधे उनके खाते में पांच रुपये प्रति खेवट की दर से भुगतान किया जाएगा।
  • वीएलई/सीएससी/अटल सेवा केंद्र के अलावा किसान अपने स्तर पर स्वयं ही इंटरनेट के माध्यम से Meri Fasal Mera Byora Online Portal पर अपनी फसल का विवरण दर्ज कर सकते हैं।
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों द्वारा दी गई जानकारी को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ साझा किया जाता है। जिससे की आगे की किसानो के कल्याण के लिए अन्य योजनाएं तैयार की जाती है।
  • इस पोर्टल पर राज्य के सभी किसान रबी और खरीफ फसलों का विवरण ऑनलाइन माध्यम से प्रदान कर सकते हैं।
  • इसके अलावा जमाबंदी से जुड़ी जानकारी सम्बंधित पटवारी से साझा की जाएगी।
  • Meri Fasal Mera Byora पोर्टल के माध्यम से किसानों की फसलों की खरीद प्रक्रिया को और भी आसान बनाया जाएगा।.

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज?

  • किसान का आधार कार्ड।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • परिवार पहचान पत्र।
  • बैंक पासबुक साथ में रखें।
  • अपने भूमि रिकॉर्ड की प्रति।
  • वैध मोबाइल नंबर। (Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण से लेकर फसलों की बिक्री के बाद उसका भुगतान तक की सभी जानकारी इस नंबर पर उपलब्ध कराई जाएगी)

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?

हरियाणा सरकार ने किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौराMeri Fasal Mera Byora योजना शुरू की और इसका Meri Fasal Mera Byora ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया। इस पर किसानो से से उनकी बोई गई फसल की जानकारी मांगी जाती है। पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लाभ प्राप्त होता है।

इसलिए किसान भाई अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करें। यदि अभी तक आप अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो किसान भाई जल्दी ही मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल को ऑनलाइन पंजीकृत करने के लिए निम्नलिखित चरणों को पूरा करें –

Meri Fasal Mera Byora Yojana

जो किसान पहली बार रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं

  • मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • यहां आएं और “किसान अनुभाग” पर क्लिक करें।
  • फसल पंजीकरण के लिए “किसान पंजीकरण” के दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
  • अब अगले पेज पर आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है।
  • इसके बाद यहाँ आपकी फैमिली आईडी के बारे में पूछा जाएगा। (हाँ नही )
  • हाँ पर क्लिक करने पर यहाँ आपका विवरण “परिवार पहचान पत्र” से स्वतः भर जाएगा।
  • नहीं पर क्लिक करके अपना आधार नंबर दर्ज करें और आगे की प्रक्रिया को पूरा करें।
  • फिर अपनी फसल का विवरण, बैंक विवरण और मंडी की जानकारी भरें
  • रजिस्ट्रेशन के समय मांगी गई जानकारियों को ध्यान से भरें, नहीं तो भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है।
  • उपरोक्त चरणों को पूरा करने के बाद, पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
  • आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आपकी फसल और वन टाइम पासवर्ड से संबंधित जानकारी भेजी जाएगी।
  • फॉर्म को सफलतापूर्वक भरने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।
  • किसान इस बात का ध्यान रखें कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पर प्राप्त पंजीकरण संख्या भविष्य में उपयोग के लिए संरक्षित है।e.

पंजीकृत किसानों के लिए फसल के पंजीकरण की प्रक्रिया

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • यहां आएं और “किसान अनुभाग” के दिए ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • फसल पंजीकरण के लिए “किसान पंजीकरण” के लिए दिए लिंक पर क्लिक करें।
  • अगले पेज पर आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है।
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा।
  • दिए गए खाली बॉक्स में ओटीपी भरें। और “ओटीपी सत्यापित करें” पर क्लिक करें।
  • अपना विवरण जांचें, कुँआ विवरण (सिंचाई की विधि) और बैंक विवरण भरें। अब “जारी रखें” पर क्लिक करें।
  • अब किसान द्वारा बोई गई फसल का विवरण दर्ज करें या पुराने विवरण में संशोधन करें या आप पहले से दर्ज किए गए विवरण के साथ जारी रख सकते हैं।
  • किसान भाई रजिस्ट्रेशन के समय मांगी गई जानकारियों को ध्यान से भरें, नहीं तो भविष्य में आपको अपनी फसल बेचने में परेशानी हो सकती है।
  • उपरोक्त चरणों को पूरा करने के बाद, पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
  • फॉर्म को सफलतापूर्वक भरने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।
  • किसान इस बात का ध्यान रखें कि Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर प्राप्त पंजीकरण संख्या और प्राप्त अन्य जानकारी भविष्य में उपयोग के लिए रखी जाए। इसलिए अच्छा होगा की आपको प्राप्त रसीद को संभाल कर रख लें। .

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर बैंक खाता विवरण कैसे बदलें?

जिन किसानों को खरीफ फसल के पंजीकरण के समय और मंडी में अपनी फसल बेचने के बाद बैंक विवरण देने में त्रुटि हुई थी, उन्हें धन प्राप्त करने में देरी होने जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इस समस्या को दूर करने के लिए Meri Fasal Mera Byora पर किसानों के बैंक खाते के विवरण को बदलने के लिए किसानों के लिए यह सुविधा प्रदान की गई है।

राज्य के सभी किसान जिनके बैंक विवरण गलत पाए गए हैं, वे किसान विवरण में पाई गई गलतियों को सुधारने के लिए अपनी सही जानकारी शीघ्र प्रदान करें। जब तक आप इस गलती को ठीक नहीं करते है आपको बेची गई अपनी फसल की भुगतान राशि प्राप्त नहीं होगी। त्रुटि को ठीक करने में आपको कोई दिक्कत न हो, इसलिए हमने यहां बैंक के गलत विवरण को ठीक करने के लिए पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है। बैंक विवरण बदलने की प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • सबसे पहले आप Meri Fasal Mera Byora की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या हमारे द्वारा दिए गए “बैंक खाता विवरण बदलें” लिंक पर क्लिक करें।
  • जिसके बाद आपसे फसल के समय दर्ज किया गया मोबाइल नंबर पूछा जाएगा।
  • आपके रेजिस्ट्रेड मोबाइल नंबर को यहां प्रदान किये गए खाली बॉक्स में भरें।
  • इसके बाद कैप्चा कोड दर्ज करें, और “जारी रखें” पर क्लिक करें।
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा।
  • ओटीपी दर्ज करने के बाद, उसे सत्यापित करें।
  • आप अपने बैंक खाते के विवरण में सुधार कर सकते हैं।
  • नोट: ओटीपी केवल उन्हीं किसानों के मोबाइल नंबरों पर प्राप्त होगा, जिनके बैंक खाते के विवरण में खामियां पाई गई हैं।.

किसान पंजीकरण से संबंधित अन्य जानकारी या समस्या निवारण के लिए नीचे दिए गए “मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल” के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। या ईमेल पते पर मेल कर सकते है।

Meri Fasal Mera Byora Portal Helpline Number – 1800-180-2117, 1800-180-2060 (9 am to 5 pm)

Meri Fasal Mera Byora Portal E-Mail I’d – hsamb[dot][email protected][dot]com

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FREQUETLY ASKED QUESTIONS

  • 1) Fasal Haryana अर्थात मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल क्या है?

  • यह हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के हित में संचालित मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल है, जिस पर किसानों को पंजीकरण से लेकर मंडी में अपनी फसल बेचने तक सभी सरकारी सुविधाएं प्रदान करता है। Meri Fasal Mera Byora पोर्टल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अंतर्गत कार्य करता है।
  • 2) मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना के तहत सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किसान अपनी फसल का इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है Meri Fasal Mera Byora योजना के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट fasal haryana gov in पर जाएं। पंजीकरण से पहले कृपया हमारा पूरा लेख पढ़ें। अन्यथा आपको कोई असुविधा हो सकती है।
  • 3) फसल पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है?

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानो की फसल पंजीकरण की अंतिम तिथि दिसम्बर 2021 है प्रदेश के सभी किसानों की फसलों का पंजीकरण करने के उद्देश्य से फसल रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू कर दिए है।
  • 4) मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना हरियाणा बैंक विवरण कैसे बदलें?

  • किसान स्वयं अपने बैंक खाते का विवरण बदल सकते हैं। इसके लिए किसान मेरी फसल मेरा योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) पर जाएं और हमारे द्वारा इस लेख में बताए गए तरीके को अपनाकर अपने बैंक खाते का विवरण बदल सकते है। .
  • 5) पंजीकृत किसान आवेदन पत्र कैसे प्रिंट करें?

  • किसान फसल का पंजीकरण करने के बाद Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर जाए और “पंजीकरण प्रिंट” पर क्लिक करें। अब आपसे मांगी गई जानकारी भरें और आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकल लें।
  • 6) किसान गेट पास मेरी फसल मेरा ब्यौरा लिस्ट कैसे देखें?

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना के अंतर्गत गेट पास fasal haryana पोर्टल पर उपलब्ध नहीं किया गया है इसके लिए प्रदान की गई अन्य वेबसाइट पर गेट पास डाउनलोड किया जा सकता है मंडी में फसल बेचने के लिए आवश्यक गेट पास लिस्ट देखने की विधि लेख में वर्णित है
  • 7) मेरी फसल मेरा ब्यौरा की साइट कब खुलेगी?

  • हाल ही में हरियाणा सरकार ने किसानों से उनकी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करने के लिए आमंत्रित किया है। जिन किसानो से अपनी खरीफ सीजन की फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है वे अब Meri Fasal Mera Byora Portal पर फसल का रजिस्ट्रेशन कर सकते है।